रिटायरमेंट की उम्र में नियमित आय बंद हो जाती है, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें बढ़ जाती हैं। एक सामान्य हेल्थ पॉलिसी की तुलना में सीनियर सिटीजन प्लान विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं।
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1. आयुष (AYUSH) उपचार का कवरेज
आजकल कई बुजुर्ग एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेद, यूनानी या होम्योपैथी से इलाज कराना पसंद करते हैं। सीनियर सिटीजन पॉलिसी में अक्सर इन आयुष उपचारों का खर्च भी शामिल होता है।
2. डे-केयर प्रक्रियाओं का लाभ
मोतियाबिंद (Cataract), डायलिसिस या कीमोथेरेपी जैसी प्रक्रियाओं के लिए 24 घंटे अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती। सीनियर सिटीजन प्लान इन ‘डे-केयर’ खर्चों को कवर करते हैं।
3. वार्षिक हेल्थ चेकअप
बीमारियों का जल्दी पता लगाने के लिए कंपनियां हर साल मुफ्त या रियायती दरों पर स्वास्थ्य जांच (Health Checkup) की सुविधा देती हैं।
पॉलिसी लेते समय इन 3 तकनीकी बातों का ध्यान रखें
वरिष्ठ नागरिकों के लिए बीमा खरीदते समय केवल प्रीमियम न देखें, बल्कि इन नियमों को जरूर समझें:
- को-पेमेंट (Co-payment): सीनियर सिटीजन पॉलिसी में अक्सर 10% से 20% का को-पेमेंट क्लॉज होता है। इसका मतलब है कि इलाज के कुल बिल का एक छोटा हिस्सा आपको देना होगा और बाकी कंपनी देगी।
- वेटिंग पीरियड (Waiting Period): पहले से मौजूद बीमारियों (जैसे बीपी, शुगर) के लिए वेटिंग पीरियड कितना है, यह जरूर जांचें। कुछ कंपनियां अतिरिक्त प्रीमियम लेकर इसे कम भी कर देती हैं।
- पॉलिसी रिन्यूएबिलिटी: हमेशा ऐसी पॉलिसी चुनें जो ‘लाइफटाइम रिन्यूएबिलिटी’ की सुविधा देती हो, ताकि बहुत अधिक उम्र होने पर भी आपकी सुरक्षा खत्म न हो।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए इसके अन्य फायदे
- घर पर इलाज (Domiciliary Hospitalization): यदि मरीज की स्थिति ऐसी है कि उसे अस्पताल नहीं ले जाया जा सकता, तो घर पर किए गए इलाज का खर्च भी कई कंपनियां वहन करती हैं।
- टैक्स में बड़ी छूट: इनकम टैक्स की धारा 80D के तहत, वरिष्ठ नागरिक ₹50,000 तक के प्रीमियम पर टैक्स कटौती का लाभ ले सकते हैं।
- अस्पताल कैश: भर्ती होने के दौरान रोजमर्रा के छोटे-मोटे खर्चों के लिए कई प्लान ‘डेली कैश’ की सुविधा भी देते हैं।
बुढ़ापे में अपनी जमापूंजी को सुरक्षित रखने का सबसे अच्छा तरीका एक सही हेल्थ इंश्योरेंस है। यह न केवल आपको बेहतरीन इलाज सुनिश्चित करता है, बल्कि आपके बच्चों पर वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ने देता।
