भारत सरकार और IRDAI के निर्देशों के बाद, अब लगभग सभी बीमा कंपनियों ने अपने पोर्टफोलियो में AYUSH (Ayurveda, Yoga & Naturopathy, Unani, Siddha, Homeopathy) को शामिल कर लिया है। लेकिन, आयुष के तहत क्लेम पाने के नियम एलोपैथी से थोड़े अलग हो सकते हैं।

आयुष (AYUSH) कवर में क्या-क्या शामिल है?

  • आयुर्वेद (Ayurveda): पंचकर्म और अन्य आयुर्वेदिक उपचार।
  • होम्योपैथी (Homeopathy): पुरानी बीमारियों के लिए होम्योपैथिक दवाएं और परामर्श।
  • यूनानी, सिद्ध और योग: इन पद्धतियों के तहत किया गया वैध इलाज।

आयुष क्लेम के लिए 3 सबसे जरूरी नियम

यदि आप आयुर्वेद या होम्योपैथी का इलाज करा रहे हैं, तो क्लेम पाने के लिए इन शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:

1. मान्यता प्राप्त अस्पताल (Quality Council of India/NABH)

यह सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। आपका इलाज किसी क्लीनिक या छोटे केंद्र पर नहीं, बल्कि सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त आयुष अस्पताल या NABH (National Accreditation Board for Hospitals & Healthcare Providers) से प्रमाणित संस्थान में होना चाहिए।

2. 24 घंटे भर्ती होना (In-patient Hospitalization)

एलोपैथी की तरह, आयुष इलाज के लिए भी मरीज को कम से कम 24 घंटे अस्पताल में भर्ती रहना जरूरी है। यदि आप केवल परामर्श (OPD) लेकर घर आ जाते हैं, तो उसका क्लेम तभी मिलेगा जब आपकी पॉलिसी में ‘OPD कवर’ शामिल हो।

3. उप-सीमा (Sub-limit)

कई कंपनियां आयुष इलाज के लिए एक सीमा तय कर देती हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपका कुल कवर ₹10 लाख है, तो कंपनी कह सकती है कि आयुष इलाज के लिए अधिकतम ₹50,000 या बीमा राशि का 10% ही मिलेगा। हालांकि, अब कुछ आधुनिक प्लान बिना किसी लिमिट के भी आयुष कवर देते हैं।


आयुष कवर के फायदे

  1. बुजुर्गों के लिए वरदान: वरिष्ठ नागरिक अक्सर पुरानी बीमारियों (गठिया, साइनस) के लिए आयुर्वेद या होम्योपैथी पसंद करते हैं, यह कवर उनके लिए बहुत फायदेमंद है।
  2. कम साइड इफेक्ट्स: प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों में साइड इफेक्ट्स कम होते हैं, और बीमा इसमें मदद करके मरीजों को बेहतर विकल्प देता है।
  3. कैशलेस सुविधा: अब कई बड़े आयुर्वेदिक अस्पताल (जैसे पतंजलि, कोटक्कल आर्य वैद्य शाला) बीमा कंपनियों के नेटवर्क में शामिल हैं, जहाँ आपको कैशलेस इलाज मिल सकता है।

क्या कवर नहीं होता? (Exclusions)

  • मालिश और स्पा: केवल आराम या सौंदर्य के लिए ली गई ‘मसाज’ या ‘स्पा’ थेरेपी आयुष कवर के तहत नहीं आती। इलाज का चिकित्सकीय रूप से आवश्यक (Medically Necessary) होना अनिवार्य है।
  • गैर-मान्यता प्राप्त केंद्र: बिना रजिस्ट्रेशन वाले लोकल वैद्यों या क्लीनिकों का खर्च कंपनी नहीं देगी।

हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय यह जरूर चेक करें कि आपकी पॉलिसी में ‘AYUSH Cover’ है या नहीं, और उसकी कोई ‘सब-लिमिट’ तो नहीं है। यह कवर आपको इलाज की पद्धति चुनने की पूरी आजादी देता है।

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