आज के दौर में लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियाँ (जैसे डायबिटीज, स्ट्रेस और पीसीओडी) उम्र देखकर नहीं आतीं। अगर आप 25 के हैं, तो आपके पास ‘अर्ली बर्ड’ होने का जबरदस्त फायदा है। आइए जानते हैं कैसे:1. बेहद कम प्रीमियम (Low Premium Costs)
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- फायदा: यदि आप 25 में पॉलिसी लेते हैं, तो आप उसी कवर के लिए 40 की उम्र में लेने वाले व्यक्ति की तुलना में लगभग 30-40% कम प्रीमियम चुकाते हैं।
2. वेटिंग पीरियड की चिंता से मुक्ति (Early Completion of Waiting Period)
जैसा कि हम जानते हैं, हर पॉलिसी में कुछ बीमारियों के लिए 2 से 4 साल का वेटिंग पीरियड होता है।
- फायदा: 25 की उम्र में आप आमतौर पर स्वस्थ होते हैं। जब तक आप 30 या 35 की उम्र में पहुँचते हैं (जब बीमारियों का खतरा बढ़ता है), तब तक आपका सारा वेटिंग पीरियड खत्म हो चुका होता है और आप ‘फुल कवर’ के हकदार बन जाते हैं।
3. संचयी बोनस (Cumulative No-Claim Bonus)
यदि आप कम उम्र में पॉलिसी लेते हैं और कोई क्लेम नहीं करते, तो हर साल आपका ‘सम इंश्योर्ड’ (बीमा राशि) बोनस के रूप में बढ़ता जाता है।
- फायदा: 10 साल तक क्लेम न लेने पर आपका ₹5 लाख का कवर बिना किसी एक्स्ट्रा खर्च के ₹10 लाख तक पहुँच सकता है। यह ‘फ्री एक्स्ट्रा कवर’ बुढ़ापे में बहुत काम आता है।
4. व्यापक कवर और राइडर्स (Comprehensive Coverage)
कम उम्र में पॉलिसी लेने पर कंपनियां आपको बेहतर विकल्प और ‘राइडर्स’ (अतिरिक्त लाभ) आसानी से देती हैं।
- फायदा: आपको कम उम्र में बिना किसी मेडिकल टेस्ट के आसानी से पॉलिसी मिल जाती है। बाद में उम्र बढ़ने पर कंपनियां कई तरह की जांच (Pre-policy medical checkup) अनिवार्य कर देती हैं।
5. टैक्स सेविंग की शुरुआत (Tax Benefits under 80D)
भले ही आप अभी करियर की शुरुआत कर रहे हों, लेकिन टैक्स बचाना एक अच्छी आदत है।
- फायदा: आयकर अधिनियम की धारा 80D के तहत, आप अपने प्रीमियम पर ₹25,000 तक की टैक्स छूट पा सकते हैं। यह आपकी मेहनत की कमाई को बचाने का एक कानूनी और सुरक्षित तरीका है।
25 की उम्र में हेल्थ इंश्योरेंस लेना “बीमारी का इंतज़ार” करना नहीं है, बल्कि यह “संपत्ति की सुरक्षा” (Wealth Protection) है। एक छोटा सा वार्षिक प्रीमियम आपकी सालों की सेविंग्स को एक ही मेडिकल इमरजेंसी में खत्म होने से बचा सकता है।
