पहले डायबिटीज और बीपी के मरीजों को बीमा मिलने में मुश्किल होती थी या 4 साल का लंबा इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब कई ऐसी योजनाएं हैं जो पॉलिसी लेने के पहले दिन से ही इन बीमारियों को कवर करती हैं।
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2. ओपीडी और डायग्नोस्टिक कवर (OPD Coverage)
डायबिटीज के मरीजों को नियमित रूप से शुगर टेस्ट और डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। कई आधुनिक प्लान (जैसे Aditya Birla Activ One) आपको दवाइयों और टेस्ट के खर्चों के लिए साल भर का बजट देते हैं।
3. वेलनेस रिवॉर्ड्स (Stay Fit, Pay Less)
अगर आप अपनी जीवनशैली सुधारते हैं और आपका शुगर लेवल या बीपी कंट्रोल में रहता है, तो कंपनियां रिन्यूअल प्रीमियम पर 25% से 50% तक की छूट देती हैं।
पॉलिसी लेते समय ये गलतियां न करें
- बीमारी न छुपाएं: यदि आप अपनी बीमारी छुपाते हैं, तो भविष्य में क्लेम 100% रिजेक्ट हो जाएगा। हमेशा अपनी एचबीए1सी (HbA1c) रिपोर्ट और बीपी की दवाइयों की जानकारी सच-सच दें।
- को-पेमेंट क्लॉज चेक करें: कुछ प्लान्स में मरीजों के लिए 20% को-पेमेंट होता है। कोशिश करें कि ‘नो को-पेमेंट’ वाला प्लान लें।
- नेटवर्क अस्पताल: सुनिश्चित करें कि आपके शहर के अच्छे ‘डायबिटीज केयर सेंटर’ कंपनी के नेटवर्क में हों।
यदि आपको डायबिटीज या बीपी है, तो HDFC ERGO Energy या Aditya Birla Activ Health जैसे प्लान्स आपकी पहली पसंद होने चाहिए। ये न केवल आपको सुरक्षा देते हैं, बल्कि एक हेल्दी लाइफस्टाइल जीने के लिए प्रेरित भी करते हैं।
