अगर अस्पताल नेटवर्क में नहीं है, तो क्लेम के पैसे वापस कैसे पाएं?

जब आप किसी ऐसे अस्पताल में इलाज कराते हैं जो बीमा कंपनी की लिस्ट में नहीं है, तो आपको पहले सारा भुगतान खुद करना होता है। डिस्चार्ज होने के बाद, आप सभी बिल और मेडिकल रिपोर्ट्स कंपनी को जमा करते हैं और कंपनी जांच के बाद पैसा आपके बैंक खाते में भेज देती है।

स्टेप 1: कंपनी को सूचना दें (Intimation)

जैसे ही मरीज अस्पताल में भर्ती हो, तुरंत (अक्सर 24 से 48 घंटे के भीतर) बीमा कंपनी को फोन या ईमेल के जरिए सूचित करें। उन्हें मरीज का नाम, अस्पताल और बीमारी की जानकारी दें।

स्टेप 2: अस्पताल के सभी मूल दस्तावेज इकट्ठा करें

डिस्चार्ज के समय सुनिश्चित करें कि आपके पास सभी कागज Original (मूल प्रति) में हों। फोटोकॉपी पर क्लेम नहीं मिलता।

स्टेप 3: क्लेम फॉर्म भरना

बीमा कंपनी की वेबसाइट से ‘Claim Form’ डाउनलोड करें। इसके दो भाग होते हैं:

  • Part A: जो आपको भरना होता है।
  • Part B: जो अस्पताल के डॉक्टर या अधिकारी द्वारा भरा और स्टैम्प किया जाता है।

स्टेप 4: दस्तावेज जमा करना

डिस्चार्ज होने के 7 से 15 दिनों के भीतर सभी दस्तावेज कंपनी के ऑफिस या TPA (Third Party Administrator) के पास भेज दें।


जरूरी दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Documents Checklist)

क्लेम फाइल करते समय इन दस्तावेजों को न भूलें:

  1. भरा हुआ और हस्ताक्षरित क्लेम फॉर्म
  2. डिस्चार्ज समरी (Discharge Summary): इसमें बीमारी और इलाज की पूरी जानकारी होती है।
  3. फाइनल बिल और रसीदें: अस्पताल का फाइनल बिल और भुगतान की गई रसीद (Payment Receipt)।
  4. प्रिस्क्रिप्शन और मेडिकल स्टोर के बिल: डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाइयों के ओरिजिनल बिल।
  5. जांच रिपोर्ट्स: खून की जांच, एक्स-रे, एमआरआई आदि की रिपोर्ट्स और फिल्म।
  6. KYC दस्तावेज: मरीज का आईडी प्रूफ और पॉलिसीधारक का कैंसिल्ड चेक (ताकि पैसा सीधे खाते में आ सके)।

क्लेम रिजेक्ट होने से कैसे बचाएं? (Pro Tips)

  • समय का ध्यान रखें: डिस्चार्ज के बाद दस्तावेज भेजने में देरी न करें। हर कंपनी की एक समय सीमा (जैसे 30 दिन) होती है।
  • डॉक्टर के पर्चे: बिना डॉक्टर के लिखित पर्चे (Prescription) के खरीदी गई दवाइयों का पैसा नहीं मिलता।
  • क्रमवार फाइलिंग: बिलों को तारीख के अनुसार जमाएं ताकि जांच अधिकारी को समझने में आसानी हो।
  • फोटोकॉपी रखें: सभी ओरिजिनल कागज जमा करने से पहले उनकी एक फोटोकॉपी या डिजिटल स्कैन अपने पास जरूर रखें।

रीइंबर्समेंट प्रक्रिया में धैर्य की जरूरत होती है। आमतौर पर दस्तावेज जमा करने के 20 से 30 दिनों के भीतर पैसा आपके खाते में आ जाता है। यदि आप नियमों का सही पालन करते हैं, तो नेटवर्क के बाहर भी आपका इलाज उतना ही सुरक्षित है जितना नेटवर्क अस्पताल में।

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